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शुक्रवार, 29 मार्च 2013

देवारी तंय


  • गोपालदास साहू

    देवारी तंय  आवत होबे, दीया मन ल संग म लावत होबे
    हरेली अइस धान बर हरियर लुगरा लइस
    गहिरा मन बर लीम डारा दसमुर डोंटों कांदा  लाइस
    हस हस के घर कुरिया म लीम दसमुर खोंचिस
    नागर बसुला टंगिया धोइन लइका मन गेड़ी फांदिस
    गेड़ी चढ़ाके लइका मन ल खेलावत होबे
देवारी तंय  ........................।
    थोरके दिन मं अइस पोरा बिचारा मुरहा
    ठेठरी खुरमी भजिया लाइस अंगाकर गुरहा
    तीज के  दिन पारबती अइस पूजा करिन तिजहारिन
    चउत के दिन गनपति अइस नाचिन गाइन बनिहारिन
    नंदिया बइला चढ़के रेंगावत होबे
देवारी तंय .........................।
    कुंवार अइस पुरखा मन ल संग म लइस
    पुरखा बनके कउवा पनदरा दिन बरा भजिया खइस
    नवमी अइस धान बर पियर लुगरा लइस
    दसेरा म रावन मरिस धान के छटठी निपटाइस
    तलवार धर दसेरा तंय  आवत होबे
देवारी तंय ..........................।
    गाय  बर सोहई धर के अइस देवारी
    कोहड़ा कोचइ लइस दीया बारे नरनारी
    गहिरा सोहई बांधिन साजू अउ फूलेता साजिन
    दफड़ा दमउ बजइन झूमर के नाचिन
    आज गोपाल तंय  गोवर्धन खुंदावत होबे
देवारी तंय  .............................।
भंडारपुर (करेला)
पो.- ढ़ारा, व्हाया - डोंगरगढ़, जिला - राजनांदगांव (छ.ग.)

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