इस अंक में :

इस अंक में पढ़े : ( आलेख )तनवीर का रंग संसार :महावीर अग्रवाल,( आलेख )सुन्दरलाल द्विजराज नाम हवै : प्रो. अश्विनी केशरवानी, ( आलेख )छत्‍तीसगढ़ी हाना – भांजरा : सूक्ष्‍म भेद- संजीव तिवारी,( आलेख )लील न जाए निशाचरी अवसान : डॉ्. दीपक आचार्य,( कहानी )दिल्‍ली में छत्‍तीसगढ़ : कैलाश बनवासी ,( कहानी )खुले पंजोंवाली चील : बलराम अग्रवाल,( कहानी ) खिड़की : चन्‍द्रमोहन प्रधान,( कहानी ) गोरखधंधा :हरीश कुमार अमित,( व्‍यंग्‍य )फलना जगह के डी.एम: कुंदन कुमार ( व्‍यंग्‍य )हर शाख पे उल्लू बैठा है, अन्जामे - गुलिश्ता क्या होगा ?: रवीन्‍द्र प्रभात, (छत्‍तीसगढ़ी कहानी) गुरुददा : ललितदास मानिकपुरी, लघुकथाएं, कविताएं..... ''

सोमवार, 25 मार्च 2013

सं‍पादकीय कार्यालय‍ एवं संपादक

                 वर्ष - 6           अंक - 4             फरवरी 2013 से अप्रैल 2013
                              विचार  वीथी
                      साहित्य - कला - संस्कृति की त्रैमासिक

संपादक
सुरेश सर्वेद

    सहयोगी
    आचार्य सरोज द्विवेदी
    वीरेन्द्र बहादुर सिंह
    डाँ सुनील गुप्ता  '' तनहा''
 (संपादन पूर्णत: अवैतनिक एवं अव्यवसायिक)

सदस्यता शुल्क
मूल्य - 10  दस रूपये
एक वर्ष - पैंतीस रूपये
दो वर्ष - पैंसठ रूपये
आजीवन - एक हजार एक रू .
(केवल मनीआर्डर या बैंक ड्राफ्ट ही स्वीकारे जाएंगे)

मुख्य कार्यालय
वार्ड नं. - 16, तुलसीपुर,
शास्त्री चौक, राजनांदगांव (छग.)
पिन कोड नं. - 491- 441
मो :- 94241 - 11060
 0 सर्वाधिकार प्रकाशकाधीन सुरक्षित 0 प्रकाशित सामाग्री के किसी भी प्रकार के उपयोग के पूर्व प्रकाशक - संपादक की सहमति अनिवार्य है 0 पत्रिका में प्रकाशित रचनाओं से प्रकाशक - संपादक का सहमत होना अनिवार्य नहीं है 0 किसी भी प्रकार के वाद - विवाद एवं वैधानिक प्रक्रिया केवल राजनांदगांव न्यायालयीन क्षेत्र के अंर्तगत मान्य।

       कविता
मरघट के सेवा
  •                         आनन्द तिवारी पौराणिक
एक झन टुटपुंजिहा नेता ह
मरघट के करिस उद्घाटन
अऊ दिस सुग्घर भासन
दाई, ददा, भईया
मोर लाज के रखईया
तुम्हर सेवक आंव पतियावव
मोर लाइक अऊ कोनो सेवा बतावव
ओतके म कबर ले
निकलिस एक ठन मुरदा
चारों मुड़ा बगरगे धुर्रा अउ गरदा
मुरदा ह बड़े जोर से चिल्लाइस
अपन गोठ ल बताइस
भईया अभी तैं अपन कोती जा
लात देके सुते रह अउ आराम फरमा
अभी त जियत हस जादा झन गोठिया
सेवा हमर करना हे त  मुरदा बनके आ
                                                                            श्रीराम टाकीज मार्ग,
                                                                                    महासमुंद,छग

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें