इस अंक में :

इस अंक में पढ़े : ( आलेख )तनवीर का रंग संसार :महावीर अग्रवाल,( आलेख )सुन्दरलाल द्विजराज नाम हवै : प्रो. अश्विनी केशरवानी, ( आलेख )छत्‍तीसगढ़ी हाना – भांजरा : सूक्ष्‍म भेद- संजीव तिवारी,( आलेख )लील न जाए निशाचरी अवसान : डॉ्. दीपक आचार्य,( कहानी )दिल्‍ली में छत्‍तीसगढ़ : कैलाश बनवासी ,( कहानी )खुले पंजोंवाली चील : बलराम अग्रवाल,( कहानी ) खिड़की : चन्‍द्रमोहन प्रधान,( कहानी ) गोरखधंधा :हरीश कुमार अमित,( व्‍यंग्‍य )फलना जगह के डी.एम: कुंदन कुमार ( व्‍यंग्‍य )हर शाख पे उल्लू बैठा है, अन्जामे - गुलिश्ता क्या होगा ?: रवीन्‍द्र प्रभात, (छत्‍तीसगढ़ी कहानी) गुरुददा : ललितदास मानिकपुरी, लघुकथाएं, कविताएं..... ''

शनिवार, 1 जून 2013

बेरोजगारी



  • जितेन्द्र चंद्राकर
अपन जांगर ल थको के संगी मोला गजब पढ़हावत हे
कहूं करा काम मिल जाही कहिके सपना ला सजावत हे
    अपन पेट ला भूख मार के मोला बने खवावत हे
    दिन भर घर ल छोड़ के संगी प्लाँट म कमावत हे
पढ़े जाथे लइका कहिके बने - बने पहिरावत हे
पुलिसवाला बन जाही कहिके सपना ल सजाइस
    महु मोर काम करेंव फारम ला भरेव
    महिना भर दउड़ेन - घूपेन कोनो काम नइ आइस
दू लाख रूपिया मांगिस उही कर घर के मन थराइस
कहाँ ले देतेओं मेहर रूपिया
    गरीबी म जन्म ले हंव गरीबी म बढ़ेव
    लांघन भूखन रहिके संगी दिन गिन बारबीं पढ़ेव
उही करा समझ गेंव संगी
रूपिया के मोल होगे डिग्री होगें सस्ता
    कतरो पढ़ेन लिखेन संगी कोनो काम नई आवत हे
    कतरो पढ़े - लिखे मन टीपीन म बासी धर प्लाट म कमावत हे
कतरो मन फांसी लगावत हे कतरो जहर ल खावत हे
बेरोजगारी ह लेवत हे कतरो के परान
खोजे म काम नई मिले प्राण ल कहाँ ओधान
  • ग्राम - धामनसरा, पो - सुरगी जिला - राजनांदगांव ( छग.)

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