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शनिवार, 29 जून 2013

'' राना लिधौरी '' के प्रकृति एवं पर्यावरण पर हाइकु


 1
पर्यावरण
की उथल - पुथल।
महा विनाश।।    
2

            जल के स्रोत
                जंगल औ बादल।  
              जीवन ज्योति।।
     3.
साफ जंगल
नदिया प्रदूषित
कैसे मंगल।।  

       4 
 जीवन दवा,
              जल, जमीन, हवा।              
  बिकने लगी।।
   5
टेढ़ा नजर
जब प्रकृति की होती।
सब रोते हैं।।

पता - राजीव नामदेव राना लिधौरी
संपादक आकांक्षा पत्रिका
शिवनगर कालौनी, टीकमगढ़

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