इस अंक में :

इस अंक में पढ़े : ( आलेख )तनवीर का रंग संसार :महावीर अग्रवाल,( आलेख )सुन्दरलाल द्विजराज नाम हवै : प्रो. अश्विनी केशरवानी, ( आलेख )छत्‍तीसगढ़ी हाना – भांजरा : सूक्ष्‍म भेद- संजीव तिवारी,( आलेख )लील न जाए निशाचरी अवसान : डॉ्. दीपक आचार्य,( कहानी )दिल्‍ली में छत्‍तीसगढ़ : कैलाश बनवासी ,( कहानी )खुले पंजोंवाली चील : बलराम अग्रवाल,( कहानी ) खिड़की : चन्‍द्रमोहन प्रधान,( कहानी ) गोरखधंधा :हरीश कुमार अमित,( व्‍यंग्‍य )फलना जगह के डी.एम: कुंदन कुमार ( व्‍यंग्‍य )हर शाख पे उल्लू बैठा है, अन्जामे - गुलिश्ता क्या होगा ?: रवीन्‍द्र प्रभात, (छत्‍तीसगढ़ी कहानी) गुरुददा : ललितदास मानिकपुरी, लघुकथाएं, कविताएं..... ''

शुक्रवार, 5 जुलाई 2013

एक सितारा छत्तीसगढ़



- इब्राहीम कुरैशी  -
कितना प्यार छत्तीसगढ़ है
राज दुलारा छत्तीसगढ़ है
भारत एक आकाश जिसका
एक सितारा छत्तीसगढ़ है।
        पुरवैय्या मदमस्त करे
        बागों में ठूमके इतराए
        पंचम सुर में अमराई में
        कोई गीत कोयलिया गाए
        देखो सपनों से भी सुंदर
        क्या खूब नजारा छत्तीसगढ़ है।
रत्नों के छत्तीस टुकड़ों से
धरती ये चमके चम चम
खेत में धान की बाली झूमे
छेड़े वह जीवन सरगम
कितने प्राणों की आशाएं
सबका हमारा छत्तीसगढ़ है।
        जहाँ सतरंगी मेरे सजते हैं
        मन में उत्साह छलकता है
        भोला बचपन खेत खार में
        झूमता, हंसता महकता है
        जीवन दायिनी सरिताओं की
        जन की धारा छत्तीसगढ़ है।
पता - स्टेशन रोड, महासमुन्द (छ.ग.)

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