इस अंक में :

इस अंक में पढ़े : ( आलेख )तनवीर का रंग संसार :महावीर अग्रवाल,( आलेख )सुन्दरलाल द्विजराज नाम हवै : प्रो. अश्विनी केशरवानी, ( आलेख )छत्‍तीसगढ़ी हाना – भांजरा : सूक्ष्‍म भेद- संजीव तिवारी,( आलेख )बातों का आतंकवाद ...: सुशील यादव,( आलेख )लील न जाए निशाचरी अवसान : डॉ्. दीपक आचार्य,( कहानी )खोखली बातें:नीतू सिंह रेणुका,( कहानी )दिल्‍ली में छत्‍तीसगढ़ : कैलाश बनवासी ,( कहानी )खुले पंजोंवाली चील : बलराम अग्रवाल,( कहानी ) खिड़की : चन्‍द्रमोहन प्रधान,( कहानी ) गोरखधंधा :हरीश कुमार अमित,( व्‍यंग्‍य )फलना जगह के डी.एम: कुंदन कुमार ( व्‍यंग्‍य )हर शाख पे उल्लू बैठा है, अन्जामे - गुलिश्ता क्या होगा ?: रवीन्‍द्र प्रभात,''

सोमवार, 16 सितंबर 2013

अगस्‍त 2013 से अक्‍टूबर 2013

सम्पादकीय -
अपनी प्रतिभा को कब पहचानेगी छत्‍तीसगढ़ सरकार
उपेक्षा और अनादर का दंश झेलती प्रतिभाएं
पाठकों के पत्र -
निबंध
हिन्दी का आख्यायिका साहित्य / पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
आलेख
स्वतंत्रता आंदोलन में छुईखदान का योगदान / वीरेन्द्र बहादुर सिंह
शोध लेख
जनगीतों का लोक महत्व / यशवंत मेश्राम
कहानी
मेरा वतन / विष्णु प्रभाकर       
नियॉव के जीत / सुरेश सर्वेद
औरत के खिलाफ औरत  / अर्पणा शाह
व्यंग्य
मास्टर चोखेलाल भिड़ाऊ चॉंद पर / कुबेर
साक्षात्‍कार
छत्तीसगढ़ का आइना है '' चंदैनी गोंदा '' / वीरेन्द्र बहादुर सिंह
कविता
तुम या मैं - शिखा वाष्णेय बस औरत हूं और कुछ नहीं - शीला डोंगरे
ग़ज़ल 
सारे बेदर्द ख्‍यालत : चांदनी पांडे
अशोक अंजुम की दो ग़ज़लें
नवगीत 
रजनी मोरवाल के दो नवगीत
गीत
उलझा हुआ सबेरा है - जितेन्द्र जौहर दिल पे मगर हिन्दुस्तान लिखना - श्याम सखा ' श्याम'
छत्‍तीसगढ़ी गीत
गरजत बरसत - रामकुमार साहू ' मयारु ' चंदन हे मोर देस के माटी - डॉ. मदन देवांगन
पुस्तक समीक्षा
इसे छत्तीसगढ़ के हर व्यक्ति के हाथों में जाना चाहिए 
समीक्षक - मिलिंद साव
साहित्यिक सांस्कृतिक गतिविधियाँ
साकेत का वार्षिक साहित्यिक समारोह एवं वैचारिक गोष्ठी संपन्न
छत्‍तीसगढ़ उच्‍च शिक्षा का नया शिखर
स्‍वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं पाठय पुस्‍तक निगम
स्‍वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं वीग्रुप ऑफ कम्‍पनीज़

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