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इस अंक में पढ़े : शेषनाथ प्रसाद का आलेख :मुक्तिबोध और उनकी कविताओं का काव्‍यतत्‍व, डॉ. गिरीश काशिद का शोध लेख '' दलित चेतना के कथाकार : विपिन बिहारी, डॉ. गोविंद गुंडप्‍पा शिवशिटृे का शोध लेख '' स्‍त्री होने की व्‍यथा ' गुडि़या - भीतर - गुडि़या ', शोधार्थी आशाराम साहू का शोध लेख '' भारतीय रंगमंच में प्रसाद के नाटकों का योगदान '' हरिभटनागर की कहानी '' बदबू '', गजानन माधव मुक्तिबोध की कहानी '' क्‍लॅड ईथरली '' अंजना वर्मा की कहानी '' यहां - वहां, हर कहीं '' शंकर पुणतांबेकर की कहानी '' चित्र '' धर्मेन्‍द्र निर्मल की छत्‍तीसगढ़ी कहानी '' मंतर '' अटल बिहारी बाजपेयी की गीत '' कवि, आज सुनाओ वह गान रे '' हरिवंश राय बच्‍चन की रचना ,ईश्‍वर कुमार की छत्‍तीसगढ़ी गीत '' मोला सुनता अउ सुमत ले '' मिलना मलरिहा के छत्‍तीसगढ़ी गीत '' छत्‍तीसगढ़ी लदका गे रे '' रोजलीन की कविता '' वह सुबह कब होगी '' संतोष श्रीवास्‍तव ' सम ' की कविता '' दो चिडि़यां ''

गुरुवार, 12 सितंबर 2013

बेरोजगारों के लिए रोजगार ही रोजगार

कांशीपुरी कुंदन
हे मतदाताओं, पढ़े - लिखे बेकार नौजवानों, अब आप लोगों को रोजगार की तलाश में दर - दर भटकने की आवश्यकता नहीं। हमारे नए रोजगारार्न्तगत आप अपनी रूचि के अनुसार पद हासिल कर सकते हैं। रिक्त पद आपकी बाट जोह रहे हैं। योग्यता - शिक्षित, अशिक्षित। पद संख्या - भरपूर। वेतनमान - पुरूषार्थानुसार। उम्र - बंधनहीन। आरक्षण - रूचि के हिसाब से। मसलन नेता पद हेतु ऐसे प्रत्याशी को प्राथमिकता दी जाएगी जो भ्रष्टïाचार के नए - नए आयाम उदï्घाटित करने, आश्वासनों की जमीन पर गुलाब रोपने का सब्जबाग दिखाने,तसल्ली की लकीरों से विश्वास के चित्र खीचनें, मोहल्ले से लेकर मुल्क तक चूना लगाने, गले में सेवकजी का तमगा लटकाकर जब तक मूर्ख जिन्दा है, बुद्धिमान भूखा नहीं मर सकता कहावत को चरितार्थ करने आदि में हार्दिक रूचि रखता हो, उसको बिना साक्षात्कार के वांछित स्थान पर नियुक्त किया जाएगा।इच्छुक प्रत्याशी मंत्री लाइंस, गंवार कुंज पर आवेदन पत्र मात्र बीस हजार रूपए के कैश आर्डर के साथ पे्रषित कर सकता है।
ऐसे प्रत्याशी जो मेहनत बचाने, मुफ्त का माल बेरहमी से उड़ाने में दिलचस्पी रखने के साथ ही रातों - रात करोड़पति या उद्योगपतियों की सूची में अपना नाम दर्ज करवाने में इच्छा रखते हो, वे तत्काल बैंक मैनेजर से आत्मीय संबंध स्थापित करके धुंआधार कर्ज ले सकते हैं। पटाना वैसे भी हमारे शान के खिलाफ है, इसलिए हमने आपकी सुविधा के लिए फाइन्सेस के साथ ऋणमुक्ति का प्रमाण पत्र भी जारी करने के आदेश बैंको को दे रखे हैं। आप जरा भी संकोच न करे, सारा देश कर्ज के आधार पर ही जिन्दा है इसलिए ज्यादा से ज्यादा कर्ज लेकर देश को जिन्दा रखने का राष्टï्रीय कार्य करें।
अगर आपकी रूचि हो तो बैंक डकैती का धन्धा भी काफी फल - फूल रहा है। इस व्यवसाय से जुड़कर कई साथी अपने खानदान का नाम रोशन व दरिद्री दूर करने में लगे हुए हैं। आप जरा भी न सोचे। बड़े - बड़े डकैत दोनों हाथों से देश को लूट रहे हैं, तो फिर क्या आप एक बैंक भी नहीं लूट सकते ?
दंगा - फसाद हत्या जैसे जनहित कार्यों में बेझिझक हाथ बंटाने वाला, आत्मीयतापूर्वक बर्बरता बरतने में कंजूसी नहीं दिखाने वाला, सद्ïभावनापूर्वक बलात्कार कार्यक्रम में शिरकत करने वाला, चोरी अफरा - तफरी या लूटपाट में जिनको महारत हासिल हो या डाकुओं - नेताओं से जिनका आत्मीय संबंध हो वे सभी थानेदार के पद से गौरवान्वित करने की महती अनुकम्पा करें। ऐसे देश भक्त, जनसेवा व सुरक्षा के सच्चे पक्षकारों  को थाने में उपस्थित होने पर, सर्वप्रथम अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। अस्तु अविलम्ब अपनी रूचि का लाभ देश को दें।
जिनका मिजाज इस्टमैनकलर हो मुहल्ले में अपनी रंगीन तबियत के कारण सम्मानित होने का गौरव प्राप्त कर चुका हो, विकलांगता की ओर अग्रेसित हो चुका हो, ऐसे जागरूक साथी किसी करोड़पति की इकलौती कन्या को पटा - सटाकर अपनी बेकारी, गरीबी शीघ्र दूर कर सकते हैं। इस क्षेत्र में कन्या की रूप रंग, पढ़ाई - लिखाई पर नजरांदाज करना आवश्यक है, परन्तु कोल्हू के बैल की तरह एक पत्नी के साथ जीवन भर बंध कर रहने की आवश्यकता नहीं है। यह आपके पुरूषार्थ पर निर्भर करता है कि आप कितने समय में दूसरी कन्या से प्रेम कर सकते हैं या अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए प्रोत्साहित या हत्या कर सकते हैं। ऐसे प्रत्याशियों के लिए भरा - पूरा परिवार याने माता - पिता, भाई - बहन का होना आवश्यक है। जिससे समय पर बहुएँ जलाने जैसे सद्ïकार्य को अंजाम देने में अपना अमूल्य सहयोग दे सके। थानेदार से चोली - दामन का संबंध रखना आपके उज्जवल भविष्य के लिए आवश्यक होगा। भले ही पड़ोसियों से संबंध मधुर न हो। प्रगतिशील विचारधारा के समर्थक मतदाता याने बेरोजगार जिनके जेहन में समाजवादी भावनाएँ हिलोरे मार रही हों वे शीघ्र ही नगर के किसी भी व्यस्ततम चौराहे की सरकारी जमीन पर कब्जा करके निम्र शर्तानुसार होटल चलाए - भले ही अच्छी चाय स्वयं पीए, परन्तु समाजवादी लोगों को समाजवादी चाय पिलाना जरूरी है। चूंकि हर व्यवसायी के लिए ग्राहक भगवान के समान होता है इसलिए उनका सम्मान व रूचि को मद्ïदेनजर रखते हुए सभी प्रकार के ग्राहकों का ख्याल रखना हित कर होगा, अस्तु ग्राहकों से मीठी बातें करें, भले ही चाय फीकी हो। होटल के किसी कोने को जुआरी भाइयों के लिए आरक्षित रखें जिससे उन्हें उपकृत होने का अवसर मिल सके। पानी पिलाना मानव धर्म है, यह अलग बात है कि घाट - घाट का पानी पिलाते हैं या पानी के रूप में मदिरा, ऐसा कर सकते हैं तो सर्वोत्तम होटल की श्रेणी में आपके होटल को रखने में हमें सुविधा होगी। यह आपकी काबिलियत पर निर्भर है कि आप अपने होटल को रात्रि में किसी और ... काम के लिए उपयोगी सिद्ध कर पाते हैं। आम के आम, गुठली के भी दाम।
खेती के स्तर पर ट्ïयूशन, ट्ïयूशन के स्तर पर खेती करने में जो दिलचस्पी रखते हैं, परीक्षा भवन में नकल परम्परा के पक्षधर हों, प्रश्रपत्रों को आउट करवाने में विश्वास रखते हो अर्थात मुसीबम में फंसे मॉडर्न एकलव्य को बैतरणी पार करवाना चाहते हों, वे अपनी सेवा शिक्षा जगत को उपलब्ध कराकर नि:संकोच डिग्री की दुकान चलाए। शर्ते - प्रतिदिन स्कूल या कालेज जाना आवश्यक नहीं, अगर भूल से किसी दिन आपके कदम संस्था में पड़ गये तो विषय संबंधी पढ़ाना जरूरी नहीं है। स्कूल - कालेज की चल - अचल सम्पत्ति को चूंकि आपको राष्टï्र निर्माता कहलाने का गौरव प्राप्त रहेगा इसलिए आपके नीजि उपयोग में लाने की पूर्ण सुविधा रहेगी। शिक्षक होने के नाते आपको नेतागिरी, कृषि कार्य, गांव में फूट डालो और राज करो जैसे कुछ अनुकरणीय कार्य जरूर करने होंगे तथा गांवों में पदस्थ शिक्षकों के लिए खेती के अलावा डॉक्टरी, बैगागिरी आदि के क्षेत्र में भी योगदान करना जरूरी होगा, क्योंकि सरकार हर गांव में अस्पताल की सुविधा उपलब्ध नहीं करा पाई है।
सुविधा सम्पन्न विशाल देश में वैसे डाक्टर की कमी नहीं है फिर भी चिकित्सा के क्षेत्र में निम्र रूचिधारी प्रत्याशियों को प्राथमिकता दी जायेगी - अस्पताल से गधे की सींग की तरह गायब रहने वाला, निजी प्रैक्टिस पर जो अपने को केन्द्रित रख सके, मरीजों से ज्यादा नर्स के साथ गुफ्तगूं करने में समय देने वाला, सरकारी दवाईयों को सीधे अपने घर  में सप्लाई करवाने में सक्षम तथा चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी भाइयों की सेवा अपने घर में लेने की रूचि रखने वाले कर्मठ सेवा भाव वाले प्रत्याशीगण पास के किसी भी सरकारी अस्पताल में इस प्रमाण पत्र के साथ कि उनके इलाज से प्राय: मरीजों को स्वर्गारोहण का अतिरिक्त लाभ प्राप्त होता रहा है, अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं।
कला के क्षेत्र में हमारे देश का नाम सदैव अग्रणी रहा है। कलाकारों की अमूल्य साधना को विस्मृत नहीं किया जा सकता। अस्तु हमारे सांस्कृतिक विभाग के सचिव को अपनी कला का जिक्र करते हुए अविलम्ब आवेदन प्रेषित करें। वैसे हमारे समस्त विभाग आरक्षणविहीन है। चूंकि कला नाजुक क्षेत्र है इसलिए जिन्हें झूठ बोलने की कला में महारथ हासिल हो, इस कला के बल पर जो न्याय को फांसी और कानून को जेल की हवा खिला सकने में सामर्थ रखता हो, ऐसे बेरोजगार साथी हमारे न्यायालयों के लिए वकील की हैसियत से अपना नाम पंजीकृत करवा सकते हैं। कला - कला ही होती है, इसलिए ब्लैक मेलिंग की कला में दखल रखनेे वाले शातिर कलाकार भी निर्भिकतापूर्वक किसी भी समाचार कार्यालय से परिचय पत्र लेकर किसी भी सरकारी दफ्तर में बांटकर खाओ, इस दुनिया में ... नारे के साथ दबिस दे सकता है। इसके अतिरिक्त और कई कलाएं हैं जो जिस विद्या में पारंगत हो, मसलन - पाकिटमारी कला, ठग कला, यह कला पूर्ण व्यवसायिक है, आय का पच्चीस प्रतिशत कलाकार को बतौर वेतन मिलेगा।
उधार मांगने की कला की हर जगह धूम है। कई महान कलाकार इसी कला के बल पर एम.एल.ए. का चुनाव जीत चुके हैं। वैसे इसका क्षेत्र विशाल है, जैसे - जैसे इसमें डूबते जाएंगे आपका बैंक बैलेन्स बढ़ता जाएगा। सिर्फ मांगने की कला, जिसे हमारे विरोधी भीख मांगने की कला कहते हैं। इस क्षेत्र में जगह कम है क्योंकि इस लाइन में बड़े से बड़े, छोटे से छोटे कलाकार अटे पड़े हैं, फिर भी आवेदकों को हमारे यहां निराश करने की परम्परा नहीं है।
वैसे यह कला पूर्णत: शासकीय है फिर भी इसकी आमदनी का इच्छानुसार हिस्सा लेने का अधिकार कलाकार भिखमंग्गे को रहेगा। रूचिधारी प्रत्याशी तत्काल स्थानीय स्तर पर कार्य प्रारंभ कर दे। राजधानी में जगह खाली होने पर बुला लिया जायेगा।
इन कलाकारों के अतिरिक्त उच्चकोटि के कलाकारों के लिए भी ऐसे व्यक्ति आवेदन करें जो त्याग और तपस्या में रूचि रखने वाले साधक किस्म के हो। वैसे हमारे विरोधी इन पदाधिकारियों को ढोंगी नाम से संबोधित करते हैं, परन्तु हम पूर्ण सम्मान के साथ जोगी महाराज कहते हैं। इस पद के लिए सामान्य योग्यताएं जैसे परिवार से ऊब कर आत्महत्या के लिए प्रयास कर चुका हो, पत्नी से लड़ने का साहस कर चुका हो, जिसके एवज में घर से निष्कासित हो चुका हो या प्रेम में धोखा खा कर पागल की श्रेणी में पहुंच चुका हो, ऐसे हताश - निराश व्यक्तियों को जोगी कलाकार पद पर योगी आश्रम में नियुक्त किया जायेगा। नियुक्ति पश्चात कलाकार रूचि अनुसार दास - दासियों की नियुक्ति करके पारिवारिक वातावरण की सुविधा प्राप्त कर सकता है। लोग भले ही कुछ भी तोहमत लगाए परन्तु अपने आश्रम के नाम पर एक पाई नहीं मांगना है। कलाकार केवल परमात्मा के नाम पर, मंदिर निर्माण के नाम पर, नि: संतानों को संतान के नाम पर, गरीबों को धन प्रदान के नाम पर सिर्फ दान ग्रहण कर सकता है। हमारे देश में राजा हरिश्चन्द्र व दानवीर कर्ण से भी दो कदम आगे चलने वाले दानियों की कमी नहीं है। जोगी महाराज केवल पाँच साल में हमारी पार्टी को बतौर सहयोग प्रदान करेंगे।
इन कलाकारों के अतिरिक्त वी.आई.पी. कलाकारों से मिलने के लिए आतुर है जैसे - सामानों को गायब कर देने वाले जादूगर, कलाकार, सामानों को मिलावट का गर्भ धारण करने के लिए मजबूर करनेर वाले खानदानी, मंहगाई बढ़ाने वाले कारीगर किस्म के कलाकार, जमाखोरी एवार्ड प्राप्त, काला धन जोड़ने की अनोखी कला का मर्मज्ञ, इन्कम टैक्स हड़पने की बेजोड़ कला प्रदर्शन करने वाले माहिर आदि कलाकारों के लिए विशेष सुविधा युक्ति पदों की व्यवस्था है। वे तत्काल अपने गरिमामयी सानिध्य का लाभ प्रदान कर हमें अनुग्रहित करने की महत्ती अनुकंपा करें। हम आजीवन आभारी रहेंगे।
आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि इस विज्ञापन की जानकारी होते ही बेरोजगार साथी अपनी बेकारी दूर कर मुल्क का नाम रोशन करेंगे।
मातृछाया
मेला मैदान, राजिम
जिला - रायपुर  6 छग. 8  

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