इस अंक में :

डॉ. रवीन्‍द्र अग्निहोत्री का आलेख '' हिन्‍दी एक उपेक्षित क्षेत्र '' प्रेमचंद का आलेख '' साम्‍प्रदायिकता एवं संस्‍कृति '' भीष्‍म साहनी की कहानी '' झूमर '' सत्‍यनारायण पटेल की कहानी '' पनही '' अर्जुन प्रसाद की कहानी '' तलाक '' जयंत साहू की छत्‍तीसगढ़ी कहानी '' परसार '' गिरीश पंकज का व्‍यंग्‍य '' भ्रष्‍ट्राचार के खिलाफ अपुन '' कुबेर का व्‍यंग्‍य '' नो अपील, नो वकील, घोषणापत्र '' गीत गजल कविता

रविवार, 15 सितंबर 2013

दिल पे मगर हिन्दुस्तान लिखना

गीत
श्याम सखा ' श्याम '
फूल लिखना कि पान लिखना
गेहूँ लिखना कि धान लिखना
कागद पे चाहे जो भी लिखना
दिल पे मगर हिन्दुस्तान लिखना
             वेद लिखना कि पुरान लिखना
             सबद लिखना कि कुरान लिखना
             कागद पे चाहे जो भी लिखना
             दिल पे मगर हिन्दुस्तान लिखना
सुबह लिखना कि शाम लिखना
रहीम लिखना राम लिखना
कागद पे चाहे जो भी लिखना
दिल पे मगर हिन्दुस्तान लिखना
           मजूर लिखना कि किसान लिखना
             बच्चे.बूढ़े या तुम जवान लिखना
             कागद पे चाहे जो भी लिखना
             दिल पे मगर हिन्दुस्तान लिखना            
गीत गज़ल का उनवान लिखना
तमिल उड़िया जुबान लिखना
कागद पे चाहे जो भी लिखना
दिल पे मगर हिन्दुस्तान लिखना
पता :संपादक मसि कागद, 12 विकास नगर, रोहतक

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें