इस अंक में :

मनोज मोक्षेन्‍द्र का आलेख '' सार्थक व्यंग्य के आवश्यक है व्यंग्यात्मक कटाक्षों की सर्वत्रता '', डॉ. माणिक विश्‍वकर्मा '' नवरंग '' का शोध लेख '' हिन्दी गज़ल का इतिहास एवं छंद विधान: हिन्दी की'',रविन्‍द्र नाथ टैगोर की कहानी '' सीमांत '', मनोहर श्‍याम जोशी की कहानी '' उसका बिस्‍तर '', कहानी ( अनुवाद उडि़या से हिन्दी)'' अनसुलझी''मूल लेखिका:सरोजनी साहू अनुवाद:दिनेश कुमार शास्त्री, छत्तीसगढ़ी कहिनी'' फोंक - फोंक ल काटे म नई बने बात'' लेखक:ललित साहू' जख्मी', बाल कहानी '' अनोखी तरकीब''''मेंढक और गिलहरी'' रचनाकार पराग ज्ञान देव चौधरी,सुशील यादव का व्यंग्य '' मन रे तू काहे न धीर धरे'', त्रिभुवन पांडेय का व्‍यंग्‍य ''ललित निबंध होली पर'',गीत- गजल- कविता: रचनाकार :खुर्शीद अनवर' खुर्शीद',श्याम'अंकुर',महेश कटारे'सुगम',जितेन्द्र'सुकुमार',विवेक चतुर्वेदी,सुशील यादव, संत कवि पवन दीवान,रोज़लीन,डॉ. जीवन यदु, टीकेश्वर सिन्हा'गब्दीवाला, बृजभूषण चतुर्वेदी 'बृजेश', पुस्तक समीक्षा:'' इतिहास बोध से वर्तमान विसंगतियों पर प्रहार'' समीक्षा : एम. एम. चन्द्रा'', ''मौन मंथन: एक समीक्षा''समीक्षा''मंगत रवीन्द्र,''जल की धारा बहती रहे''समीक्षा : डॉ. अखिलेश कुमार'शंखधर'

बुधवार, 11 सितंबर 2013

भुइँया के लगिन.....

डॉ. जीवन यदु
भुइँया के लगिन सरग संग धरागे,
मड़वा सहीं बखरी - बारी होगे रे ।
करिया बादर,
होगे आगर,
घटा कारी हो गे रे ।
    भुँइया के तन - मन दूनों सितरगें ।
    चातर अउ डोंगर दूनों हरियागें ।
    बादर रितोवय कभू बरपेली ।
    भुइँया के मन मं जगावय हरेली ।
    घुडुर - घाड़र करथे बादर बइहा ह,
    बाजा - रूँजी के तियारी होगे रे ।
भुइँया करत हे सवाँग सवाँगे ।
रखिया - तरोई - तुमानार टाँगे ।
हरियर लुगा फूल के छप्पा वाला ।
ओरमाही काली करेला के माला ।
पाना नवा, फूल नवलख सवाँगा ।
सोन - चाँदी घलो लबारी होगे रे ।
    नाँगर ल धरके निकलगे नँगरिहा ।
    बइला लागे घलो खरतरिहा ।
    ठउँका सवाँगा इही मन करैया ।
    एमन हें भुइँया के , इखरे हे भुइँया ।
    जाँगर अउ नागर बदिन हे मितानी,
    बादर घलो संगवारी होगे रे ।
मनखे के हिरदे होगे सुआ पाँखी ।
झूलय मयारू ह आँखिच आँखी ।
हिरदे मं बीजा रहिस हे मया के ।
पीका कस फू टिस उही उम्हियाके ।
ननपन मं नान्हें रिहिस हे मया ह,
कउखन जल्दी मोटियारी होगे रे ।
गीतिका
दाउचौरा, खैरागढ़, जिला - राजनांदगांव6छ.ग.8

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