इस अंक में :

इस अंक में पढ़े : ( आलेख )तनवीर का रंग संसार :महावीर अग्रवाल,( आलेख )सुन्दरलाल द्विजराज नाम हवै : प्रो. अश्विनी केशरवानी, ( आलेख )छत्‍तीसगढ़ी हाना – भांजरा : सूक्ष्‍म भेद- संजीव तिवारी,( आलेख )लील न जाए निशाचरी अवसान : डॉ्. दीपक आचार्य,( कहानी )दिल्‍ली में छत्‍तीसगढ़ : कैलाश बनवासी ,( कहानी )खुले पंजोंवाली चील : बलराम अग्रवाल,( कहानी ) खिड़की : चन्‍द्रमोहन प्रधान,( कहानी ) गोरखधंधा :हरीश कुमार अमित,( व्‍यंग्‍य )फलना जगह के डी.एम: कुंदन कुमार ( व्‍यंग्‍य )हर शाख पे उल्लू बैठा है, अन्जामे - गुलिश्ता क्या होगा ?: रवीन्‍द्र प्रभात, (छत्‍तीसगढ़ी कहानी) गुरुददा : ललितदास मानिकपुरी, लघुकथाएं, कविताएं..... ''

बुधवार, 27 नवंबर 2013

भारतीय साहित्य सृजन संस्थान एवं कथा सागर सम्मान, 2012


भारतीय साहित्य सृजन संस्थान,पटना,बिहार एवं चर्चित त्रैमासिकी कथा सागर द्वारा पुरस्‍कार -सम्मान हेतु देश भर से आमंत्रित पुस्तकों में से नताषा अरोड़ा के उपन्यास युगान्तर को रांगेय राघव साहित्य पुरस्‍कार, सेैली बलजीत (पठानकोट) के कहानी संग्रह टप्परवास को राजकमल चौधरी साहित्य पुरस्‍कार ,भास्‍कर चौधुरी (कोरवा,छ0ग0) के कविता संग्रह कुछ हिस्सा तो उनका भी है को अमृता प्रीतम साहित्य पुरस्‍कार,वीरेन्द्र सरल(धमतरी) के व्यंग्य संग्रह कार्यालय तेरी अकथ कहानी को हरिशंकर परसाई साहित्य सम्मान  से सम्मानित किया जाएगा।
कथा सागर साहित्य सम्मान-पुरस्‍कार -2013
भारतीय साहित्य सृजन संस्थान और कथा सागर पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित साहित्य सम्मान-पुरस्‍कार  ,2013 हेतु हिंदी भाषी लेखकों साहित्यकारों तथा पत्रकारों से प्रत्येक विधा की साहित्यिक कृतियां 31 दिसम्बर  2013 तक आमंत्रित हैं। अपनी प्रत्येक प्रविष्‍ट के साथ लेखक  सजिल्द या पेपरबैक दो पुस्तके ,आत्म परिचय,रंगीन चित्र,दो टिकटयुक्त स्व पता लिखित लिफाफा तथा पंजीयन शुल्‍क  200 रूपये मनीआर्डर से निदेषक, भारतीय साहित्य संस्थान, प्लाट-6, सेक्टर-2, हारून नगर कालोनी, फुलवारी शरीफ (समीप रेलवे स्टेशन) ,पटना  पश्‍चिम- 801505, बिहार के पते पर भेज सकते हैं। विस्तृत जानकारी हेतु टिकटयुक्त तथा स्व पता लिखित लिफाफा भेजें अथवा ईमेल पते पर संपर्क करें।

नेहा परविन
प्रबंधक 
भारतीय साहित्‍य सृजन संस्‍थान 
प्‍लाट - 6, सेक्‍टर - 2, हारून कालोनी 
फुलवारिफ , पटना, 801505
मोबाईल  09576661480, 8540850223 
ई मेल - kathasagareditor@gmail.com

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें