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बुधवार, 26 फ़रवरी 2014

फिर हिटलर


प्रोफेसर थानसिंह वर्मा

फिर हिटलर के कदमों की आहट है
हिटलर तब आया था
लोकतंत्र की हत्या के लिए
जर्मन संसद पर हमला 
दोष विरोधियों के सर
दे विकास का वास्ता 
किया सत्ता पर अधिकार
किया यहूदियों का संहार 
फिर धावा कमेरों पर
मार्क्‍स , लेनिन, समाजवाद पर
गल्फस्ट्रीम की गर्मधाराएं भले नहीं मुड़ी
हिटलर के लिए / चुप रह साथ दिए
टैंक - मोर्टर लंदन - वाशिंगटन के
कमेरों की हड्डियां बने बज्र
हिटलर के लिए बना वाटरलू लेनिनग्राद.
अब फिर हिटलर के
कदमों की आहट है
दसों दिशाओं, दसमुख से वृन्दगान
ओ हिटलर ! विकास  पुरुष
एजेण्डा दिल्ली
खाद - पानी, अयोध्या,काशी, मथुरा
रसद् वाशिंगटन का
निशाने पर फिर लोकतंत्र
गांधी, अम्बेडकर, संविधान, समाजवाद
यहुदियों की जगह मुसलमान
इसाई, दलित, आदिवासी, कमेरे ( मजदूर )
देखना है बर्लिन से दिल्ली का
फासला कैसे तय करता है हिटलर,
क्या कमेरों की हड्डियां फिर बनेंगे बज्र
और दिल्ली वाटरलू ?

पता 
शांतिनगर, गली नं. 2
राजनांदगांव [छत्तीसगढ़]
मोबाईल : 9406272857  

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