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शनिवार, 30 अगस्त 2014

सपनों के संसार बहुत है

योगेन्‍द्र वर्मा '' व्‍योम '' 

सपनों के संसार बहुत हैं।
मन में तोरणद्वार बहुत हंै।।

पोंछ किसी के बहते आँसू,
सम्मानों के हार बहुत हैं।

काँप रहे हैं भय से पत्ते,
आँधी को अधिकार बहुत हैं।

प्रेम - सत्य - ईमान सहजता,
ये सारे बीमार बहुत हैं।

स्वार्थ सिद्ध कर बने अपरिचित,
ऐसे रिश्तेदार बहुत हैं।

चुका नहीं सकता जीवन भर,
माँ तेरे उपकार बहुत हैं।

'' व्योम '' नहीं कर पाया अभिनय,
जीवन में किरदार बहुत हैं।
पता - 
पो.बा. 139, एल - 49,
सचिन स्वीट्स के पीछे
दीनदयाल नगर, फेज़ - प्रथम
कौंठ रोड, मुरादाबाद उ.प्र.
मोबाईल : 0941280598

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