इस अंक में :

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शनिवार, 22 नवंबर 2014

जबां पर ताला

जितेन्‍द्र ' सुकुमार ' 
जबाँ पर ताला लगाकर रखना
सन्नाटे में खुद को बचाकर रखना
हर तर$फ घूम रहें ख़्वाबों के
ख्वाहिशे मत आगे उठाकर रखना
एक चेहरे के पीछे न जाने कितने चेहरे हैं
तुम भी अपनी सूरत छुपा कर रखना
पत्थरों को कह दो धड़कना छोड़ दे
तुम दिल को पत्थर बनाकर रखना
काँटे तो काँटे हैं सि$र्फ दर्द देने वाले
इसे सदा रास्ते से हटाकर रखना
भीड़ में खो न जाये वो भी कहीं
उसे दिल की तन्हाई में बसा कर रखना
पता -
उदय आशियाना,
चौबेबाँधा राजिम
जिला - गरियाबंद [छ.ग.] - 493885

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