इस अंक में :

डॉ. रवीन्‍द्र अग्निहोत्री का आलेख '' हिन्‍दी एक उपेक्षित क्षेत्र '' प्रेमचंद का आलेख '' साम्‍प्रदायिकता एवं संस्‍कृति '' भीष्‍म साहनी की कहानी '' झूमर '' सत्‍यनारायण पटेल की कहानी '' पनही '' अर्जुन प्रसाद की कहानी '' तलाक '' जयंत साहू की छत्‍तीसगढ़ी कहानी '' परसार '' गिरीश पंकज का व्‍यंग्‍य '' भ्रष्‍ट्राचार के खिलाफ अपुन '' कुबेर का व्‍यंग्‍य '' नो अपील, नो वकील, घोषणापत्र '' गीत गजल कविता

सोमवार, 23 फ़रवरी 2015

आँचल


ज्ञानिक वर्मा

एक औरत की गरिमा है आँचल
एक माँ का प्रेम है आँचल
गम को खुशियाँ देने वाला है आँचल
दुखों को समेटने वाला है आँचल
ममता से भरा सागर है आँचल
ज्ञान से बहती गंगा है आँचल
पवित्र रिश्तों का बंधन है आँचल
जीवन की डोर है आँचल
नन्हीं कली की ख्वाहिश है आँचल
सपनों की उड़ान है आँचल
लज्जा की पहचान है आँचल
मानवता की आन है आँचल
हर भारतीय की आन है आँचल
हर माँ की एहसास है आँचल
दुनियाँ का सम्मान है आँचल
हर मनुष्य का प्राण है आँचल


ग्राम - पुराना करेला
पोष्ट- ढारा, व्हाया - डोंगरगढ़
जिला - राजनांदगांव (छ.ग.)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें