इस अंक में :

इस अंक में पढ़े : ( आलेख )तनवीर का रंग संसार :महावीर अग्रवाल,( आलेख )सुन्दरलाल द्विजराज नाम हवै : प्रो. अश्विनी केशरवानी, ( आलेख )छत्‍तीसगढ़ी हाना – भांजरा : सूक्ष्‍म भेद- संजीव तिवारी,( आलेख )लील न जाए निशाचरी अवसान : डॉ्. दीपक आचार्य,( कहानी )दिल्‍ली में छत्‍तीसगढ़ : कैलाश बनवासी ,( कहानी )खुले पंजोंवाली चील : बलराम अग्रवाल,( कहानी ) खिड़की : चन्‍द्रमोहन प्रधान,( कहानी ) गोरखधंधा :हरीश कुमार अमित,( व्‍यंग्‍य )फलना जगह के डी.एम: कुंदन कुमार ( व्‍यंग्‍य )हर शाख पे उल्लू बैठा है, अन्जामे - गुलिश्ता क्या होगा ?: रवीन्‍द्र प्रभात, (छत्‍तीसगढ़ी कहानी) गुरुददा : ललितदास मानिकपुरी, लघुकथाएं, कविताएं..... ''

सोमवार, 23 फ़रवरी 2015

आँचल


ज्ञानिक वर्मा

एक औरत की गरिमा है आँचल
एक माँ का प्रेम है आँचल
गम को खुशियाँ देने वाला है आँचल
दुखों को समेटने वाला है आँचल
ममता से भरा सागर है आँचल
ज्ञान से बहती गंगा है आँचल
पवित्र रिश्तों का बंधन है आँचल
जीवन की डोर है आँचल
नन्हीं कली की ख्वाहिश है आँचल
सपनों की उड़ान है आँचल
लज्जा की पहचान है आँचल
मानवता की आन है आँचल
हर भारतीय की आन है आँचल
हर माँ की एहसास है आँचल
दुनियाँ का सम्मान है आँचल
हर मनुष्य का प्राण है आँचल


ग्राम - पुराना करेला
पोष्ट- ढारा, व्हाया - डोंगरगढ़
जिला - राजनांदगांव (छ.ग.)

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