इस अंक में :

इस अंक में पढ़े : शेषनाथ प्रसाद का आलेख :मुक्तिबोध और उनकी कविताओं का काव्‍यतत्‍व, डॉ. गिरीश काशिद का शोध लेख '' दलित चेतना के कथाकार : विपिन बिहारी, डॉ. गोविंद गुंडप्‍पा शिवशिटृे का शोध लेख '' स्‍त्री होने की व्‍यथा ' गुडि़या - भीतर - गुडि़या ', शोधार्थी आशाराम साहू का शोध लेख '' भारतीय रंगमंच में प्रसाद के नाटकों का योगदान '' हरिभटनागर की कहानी '' बदबू '', गजानन माधव मुक्तिबोध की कहानी '' क्‍लॅड ईथरली '' अंजना वर्मा की कहानी '' यहां - वहां, हर कहीं '' शंकर पुणतांबेकर की कहानी '' चित्र '' धर्मेन्‍द्र निर्मल की छत्‍तीसगढ़ी कहानी '' मंतर '' अटल बिहारी बाजपेयी की गीत '' कवि, आज सुनाओ वह गान रे '' हरिवंश राय बच्‍चन की रचना ,ईश्‍वर कुमार की छत्‍तीसगढ़ी गीत '' मोला सुनता अउ सुमत ले '' मिलना मलरिहा के छत्‍तीसगढ़ी गीत '' छत्‍तीसगढ़ी लदका गे रे '' रोजलीन की कविता '' वह सुबह कब होगी '' संतोष श्रीवास्‍तव ' सम ' की कविता '' दो चिडि़यां ''

सोमवार, 23 फ़रवरी 2015

चिट्ठियां

राहुल देव

चिट्ठियां अब नहीं आतीं
कोई पोस्टकार्ड या अंतर्देशीय
तो आए अरसा हुआ
फ़िर भी मुझे इन्तजार रहता है डाकिए का
कि वह आए और दे दे मेरे हाथों में कोई चिट्ठी
मेरा पांच साल का छोटा सा भांजा
अपने मम्मी.पापा के साथ अपनी नानी के घर
दिल्ली से जब महमूदाबाद आया
तो उसने पूछा मुझसे चिट्ठी का मतलब

मुझे हैरानी होती है कि वह अभी से
टी.वी. के सारे कार्टून चरित्रों से परिचित है
वह मोबाइल से कॉल कर लेता है
एस.एम.एस. भेज लेता है
और अपनी पसंद का गेम भी खेल लेता है


अभी कुछ ही दिन हुए होंगें
जब उसने मुझसे कहा
मामा मैंने फेसबुक पर आपको अपना फ्रेंड बना लिया है
कुल मिलाकर उसका सामान्य ज्ञान
कई मामलों में मुझसे बहुत अच्छा है


अपने आसपास और बच्चों के
इस तीव्र विकास दर को देखकर
मैं बहुत खुश हूँ
लेकिन मन के किसी कोने अंतरे से
रह - रहकर आती है आवाज़
कोई मेरा हालचाल पूछता
मुझे चिट्ठी लिखता


मैं अपने भांजे के प्रश्न का उत्तर देने के लिए
संभालकर रखी गयी अपनी पुरानी
चिट्ठियों के खज़ाने को खोलकर
उसके सामने रख देता हूँ
वह कभी चिट्ठियों को देखता है
और कभी मुझे
फिर हँसकर भाग जाता है !


मैं भी उन महकती चिट्ठियों को समेटकर
अन्दर कमरे में उसके साथ खेलने लग जाता हूँ
मुझे इस बात का तनिक भी आश्चर्य नहीं है
कि उस दिन के बाद से अब तक
उसने मुझसे कभी चिट्ठी का मतलब नहीं पूछा....


पता-
संपर्क सूत्र. 9/48 साहित्य सदन
कोतवाली मार्ग, महमूदाबाद (अवध) सीतापुर उ.प्र. 61203
मोबा:  09454112975
ईमेल- rahuldev.bly@gmail.com

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें