इस अंक में :

इस अंक में पढ़े : शेषनाथ प्रसाद का आलेख :मुक्तिबोध और उनकी कविताओं का काव्‍यतत्‍व, डॉ. गिरीश काशिद का शोध लेख '' दलित चेतना के कथाकार : विपिन बिहारी, डॉ. गोविंद गुंडप्‍पा शिवशिटृे का शोध लेख '' स्‍त्री होने की व्‍यथा ' गुडि़या - भीतर - गुडि़या ', शोधार्थी आशाराम साहू का शोध लेख '' भारतीय रंगमंच में प्रसाद के नाटकों का योगदान '' हरिभटनागर की कहानी '' बदबू '', गजानन माधव मुक्तिबोध की कहानी '' क्‍लॅड ईथरली '' अंजना वर्मा की कहानी '' यहां - वहां, हर कहीं '' शंकर पुणतांबेकर की कहानी '' चित्र '' धर्मेन्‍द्र निर्मल की छत्‍तीसगढ़ी कहानी '' मंतर '' अटल बिहारी बाजपेयी की गीत '' कवि, आज सुनाओ वह गान रे '' हरिवंश राय बच्‍चन की रचना ,ईश्‍वर कुमार की छत्‍तीसगढ़ी गीत '' मोला सुनता अउ सुमत ले '' मिलना मलरिहा के छत्‍तीसगढ़ी गीत '' छत्‍तीसगढ़ी लदका गे रे '' रोजलीन की कविता '' वह सुबह कब होगी '' संतोष श्रीवास्‍तव ' सम ' की कविता '' दो चिडि़यां ''

शनिवार, 28 फ़रवरी 2015

फरवरी 2015 से अप्रैल 2015

सम्‍पादकीय
आलेख
कवि और कविता के बारे में - डॉ. सुरेन्‍द्र कुमार
उपनिवेशवाद विरोधी संघर्ष और रंगभूमि - अरमान अंसारी 
आधुनिक गद्य का विकास और प्रथम हिन्‍दी कहानी - यशवंत
छत्‍तीसगढ़ी '' कथा - कंथली '' में लोक - प्रतिरोध के स्‍वर - सुरेश सर्वेद

आलोचात्‍मक आलेख 
प्रभा खेतान के नाम एक खत : डॉ. अर्चना रानी 
शोध लेख
छत्तीसगढ़ के सामंती रियासतों एवं जमीदारियों में जनचेतना के विकास में सतनाम पंथ का योगदान : पी.डी. सोनकर
गांधी: नारी विषयक दृष्टिकोण - शोधार्थी : सुमन 
वारिस शाह की हीर: राखी वर्मा 

कहानी
फर्क - सुरजीत सिंह वरवाल
श्‍वान निन्‍द्रा - मनीष कुमार सिंह
जूते की जोड़ी - सपना मांगलिक
धुरी - महावीर रवांल्‍टा
रूपये का रिश्‍ता -  आशीष आनन्‍द आर्या 

व्‍यंग्‍य
स्‍वर्गवासी - नर्कवासी - कुबेर

लघुकथा
मंगल सूत्र - डॉ. रामसिंह यादव 

लोक कथा 
महराज के बेटा : वीरेन्‍द्र ' सरल '

गीत / गजल / कविता
नवगीत : सुमन खिला रही है - रामकुमार भुआर्य '' आकुल ''
नवगीत : कैसा यह दौर - मुकुंद कौशल
नवगीत : पुरवा कहती है - सुधा शर्मा
छत्‍तीसगढ़ी गीत - हमर गंवई गांव म - गणेश यदु
मुक्‍तक : पांच मुक्‍तक - श्‍याम '' अंकुर ''
कविता : अनुठा है मेरा मामला - केशव शरण
कविता : चिट्ठियां - राहुल देव
कविता : ऑंचल - ज्ञानिक वर्मा
गजल : उनकी यादों - चॉंद ' शेरी ' 
गजल : फूलचंद गुप्‍ता की चार रचनाएं
के.के. सिंह मयंक की दो रचनाएं
धर्मेन्‍द्र निर्मल की गजलें
गरमी के चारगोडिया : आनन्‍द तिवारी पौराणिक

साहित्यिक - सांस्‍कृतिक गतिविधियॉं
अाकांक्षा को '' परिकल्‍पना सार्क सम्‍मान''
तीन मई को साकेत  परिषद की वार्षिकोत्‍सव एवं सम्‍मान समारोह 
संवेदनाओं के स्‍वर का लोकार्पण
अम्बिका प्रसाद दिव्‍य पुरस्‍कार घोषित

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