इस अंक में :

मनोज मोक्षेन्‍द्र का आलेख '' सार्थक व्यंग्य के आवश्यक है व्यंग्यात्मक कटाक्षों की सर्वत्रता '', डॉ. माणिक विश्‍वकर्मा '' नवरंग '' का शोध लेख '' हिन्दी गज़ल का इतिहास एवं छंद विधान: हिन्दी की'',रविन्‍द्र नाथ टैगोर की कहानी '' सीमांत '', मनोहर श्‍याम जोशी की कहानी '' उसका बिस्‍तर '', कहानी ( अनुवाद उडि़या से हिन्दी)'' अनसुलझी''मूल लेखिका:सरोजनी साहू अनुवाद:दिनेश कुमार शास्त्री, छत्तीसगढ़ी कहिनी'' फोंक - फोंक ल काटे म नई बने बात'' लेखक:ललित साहू' जख्मी', बाल कहानी '' अनोखी तरकीब''''मेंढक और गिलहरी'' रचनाकार पराग ज्ञान देव चौधरी,सुशील यादव का व्यंग्य '' मन रे तू काहे न धीर धरे'', त्रिभुवन पांडेय का व्‍यंग्‍य ''ललित निबंध होली पर'',गीत- गजल- कविता: रचनाकार :खुर्शीद अनवर' खुर्शीद',श्याम'अंकुर',महेश कटारे'सुगम',जितेन्द्र'सुकुमार',विवेक चतुर्वेदी,सुशील यादव, संत कवि पवन दीवान,रोज़लीन,डॉ. जीवन यदु, टीकेश्वर सिन्हा'गब्दीवाला, बृजभूषण चतुर्वेदी 'बृजेश', पुस्तक समीक्षा:'' इतिहास बोध से वर्तमान विसंगतियों पर प्रहार'' समीक्षा : एम. एम. चन्द्रा'', ''मौन मंथन: एक समीक्षा''समीक्षा''मंगत रवीन्द्र,''जल की धारा बहती रहे''समीक्षा : डॉ. अखिलेश कुमार'शंखधर'

रविवार, 29 मई 2016

मई 2016 से जुलाई 2016 तक


शोध लेख 
घरेलू कामगार : अस्मिता का नियतिपरक प्रस्‍थान : अजय कुमार साव
गांधी जी के सामाजिक आर्थिक विचार की उपयोगिता : एक समाजशास्‍त्रीय अध्‍ययन -
थानसिंह वर्मा एवं पी.डी.सोनकर

समीक्षात्‍मक लेख
कुबेर के छत्‍तीसगढ़ी कहिनी के घेरा म एक फेरा  : डॉ.बिहारीलाल साहू

कहानी
भिखारिन : रवीन्‍द्रनाथ टैगोर
नहीं भूल पायी : भावसिंह हिरवानी
बहाना : डॉ. (श्रीमती ) अर्पणा शर्मा
वनवास : राजा सिंह ( राजाराम सिंह )
शहर में गांव : गोविन्‍द सेन
अंगना : दीनदयाल साहू


व्‍यंग्‍य
व्‍यंग्‍य लिखने का रोग : कांशीपुरी कुंदन
लुंगी पर एक शोध प्रबंध : प्रभुदयाल श्रीवास्‍तव

गीत / गजल / कविता
गुलामी के गेरूवा गर म (छत्‍तीसगढ़ी गीत ) डॉ. पीसीलाल यादव
गरजत - घुमरत आबे रे बादर( छत्‍तीसगढ़ी गीत ) : सुशील भोले
अशोक ' अंजुम ' की दो हास्‍य व्‍यंग्‍य गज़लें
नवसंवत्‍सर आ गया ( गीत ) : मनोज कुमार शुक्‍ल '' मनोज ''
जिसके मन में उल्‍लास नहीं ( गज़ल ) श्‍याम '' अंकुर ''
अनजाना दर्द ( गज़ल ) जितेन्‍द्र '' सुकुमार ''


पुस्‍तक समीक्षा
तकरार अउ विद्रोह ( पिरकी हा घाव होगे ) : समीक्षा यशवंत मेश्राम
धान के कटोरा ' बीजहा धान ' : समीक्षा विनय शरण सिंह
बेईमान के मुड़ म पागा : वीरेन्‍द ' सरल '

साहित्यिक सांस्‍कृतिक गतिविधियां

राष्‍टीय ख्‍याति के अम्बिका प्रसाद दिव्‍य पुरस्‍कारों हेतु पुस्‍तकें आमंत्रित

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