इस अंक में :

डॉ. रवीन्‍द्र अग्निहोत्री का आलेख '' हिन्‍दी एक उपेक्षित क्षेत्र '' प्रेमचंद का आलेख '' साम्‍प्रदायिकता एवं संस्‍कृति '' भीष्‍म साहनी की कहानी '' झूमर '' सत्‍यनारायण पटेल की कहानी '' पनही '' अर्जुन प्रसाद की कहानी '' तलाक '' जयंत साहू की छत्‍तीसगढ़ी कहानी '' परसार '' गिरीश पंकज का व्‍यंग्‍य '' भ्रष्‍ट्राचार के खिलाफ अपुन '' कुबेर का व्‍यंग्‍य '' नो अपील, नो वकील, घोषणापत्र '' गीत गजल कविता

रविवार, 29 मई 2016

मई 2016 से जुलाई 2016 तक


शोध लेख 
घरेलू कामगार : अस्मिता का नियतिपरक प्रस्‍थान : अजय कुमार साव
गांधी जी के सामाजिक आर्थिक विचार की उपयोगिता : एक समाजशास्‍त्रीय अध्‍ययन -
थानसिंह वर्मा एवं पी.डी.सोनकर

समीक्षात्‍मक लेख
कुबेर के छत्‍तीसगढ़ी कहिनी के घेरा म एक फेरा  : डॉ.बिहारीलाल साहू

कहानी
भिखारिन : रवीन्‍द्रनाथ टैगोर
नहीं भूल पायी : भावसिंह हिरवानी
बहाना : डॉ. (श्रीमती ) अर्पणा शर्मा
वनवास : राजा सिंह ( राजाराम सिंह )
शहर में गांव : गोविन्‍द सेन
अंगना : दीनदयाल साहू


व्‍यंग्‍य
व्‍यंग्‍य लिखने का रोग : कांशीपुरी कुंदन
लुंगी पर एक शोध प्रबंध : प्रभुदयाल श्रीवास्‍तव

गीत / गजल / कविता
गुलामी के गेरूवा गर म (छत्‍तीसगढ़ी गीत ) डॉ. पीसीलाल यादव
गरजत - घुमरत आबे रे बादर( छत्‍तीसगढ़ी गीत ) : सुशील भोले
अशोक ' अंजुम ' की दो हास्‍य व्‍यंग्‍य गज़लें
नवसंवत्‍सर आ गया ( गीत ) : मनोज कुमार शुक्‍ल '' मनोज ''
जिसके मन में उल्‍लास नहीं ( गज़ल ) श्‍याम '' अंकुर ''
अनजाना दर्द ( गज़ल ) जितेन्‍द्र '' सुकुमार ''


पुस्‍तक समीक्षा
तकरार अउ विद्रोह ( पिरकी हा घाव होगे ) : समीक्षा यशवंत मेश्राम
धान के कटोरा ' बीजहा धान ' : समीक्षा विनय शरण सिंह
बेईमान के मुड़ म पागा : वीरेन्‍द ' सरल '

साहित्यिक सांस्‍कृतिक गतिविधियां

राष्‍टीय ख्‍याति के अम्बिका प्रसाद दिव्‍य पुरस्‍कारों हेतु पुस्‍तकें आमंत्रित

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