इस अंक में :

इस अंक में पढ़े : ( आलेख )तनवीर का रंग संसार :महावीर अग्रवाल,( आलेख )सुन्दरलाल द्विजराज नाम हवै : प्रो. अश्विनी केशरवानी, ( आलेख )छत्‍तीसगढ़ी हाना – भांजरा : सूक्ष्‍म भेद- संजीव तिवारी,( आलेख )लील न जाए निशाचरी अवसान : डॉ्. दीपक आचार्य,( कहानी )दिल्‍ली में छत्‍तीसगढ़ : कैलाश बनवासी ,( कहानी )खुले पंजोंवाली चील : बलराम अग्रवाल,( कहानी ) खिड़की : चन्‍द्रमोहन प्रधान,( कहानी ) गोरखधंधा :हरीश कुमार अमित,( व्‍यंग्‍य )फलना जगह के डी.एम: कुंदन कुमार ( व्‍यंग्‍य )हर शाख पे उल्लू बैठा है, अन्जामे - गुलिश्ता क्या होगा ?: रवीन्‍द्र प्रभात, (छत्‍तीसगढ़ी कहानी) गुरुददा : ललितदास मानिकपुरी, लघुकथाएं, कविताएं..... ''

शनिवार, 28 मई 2016

नव संवत्सर आ गया

मनोज कुमार शुक्‍ल '' मनोज ''

नव संवत्सर आ गया, खुशियाँ लाया द्वार ।
सभी लोग खुश हो रहे, दें बधाई उपहार ।।

ब्रम्हा ने जब सृष्टि की, रचना की प्रारम्भ ।
नव संवत्सर है गढ़ा, सतयुग से आरम्भ ।

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को, आता है नव वर्ष।
धरा प्रकृति मौसम हवा, मन को करता हर्ष ।।

नवमी में जन्मे प्रभु ,अवध पुरी के राम ।
राजपाट कर बन गये, आदर्शों के धाम ।।

नगर अयोद्धा में रहा, हरषित हर पल छिन ।
राज तिलक प्रभु का हुआ, नव रात्रि शुभ दिन ।।
 
सूर्यवंश के राज्य से, रोशन हुआ जहान ।
चक्रवर्ती राजा बने, विक्रमादित्य महान ।।

राज्य सुरक्षा में निपुण, चर्चित रहे सम्राट ।
शक हूणों औ यवन से, रक्षित किया यह राष्ट्र।।

प्रजा पालक थे अमर, न्याय प्रिय सरताज ।
विक्रम सम्वत् नाम से, गणना का आगाज ।।

माँ देवी की अर्चना, वंदन औ फलाहार ।।
आज दिवस गुड़ि पाड़वा, चेटी चंड त्योहार ।

पता-
58, आशीष दीप उत्तर मिलोनीगंज जबलपुर ( म.प्र.)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें