इस अंक में :

डॉ. रवीन्‍द्र अग्निहोत्री का आलेख '' हिन्‍दी एक उपेक्षित क्षेत्र '' प्रेमचंद का आलेख '' साम्‍प्रदायिकता एवं संस्‍कृति '' भीष्‍म साहनी की कहानी '' झूमर '' सत्‍यनारायण पटेल की कहानी '' पनही '' अर्जुन प्रसाद की कहानी '' तलाक '' जयंत साहू की छत्‍तीसगढ़ी कहानी '' परसार '' गिरीश पंकज का व्‍यंग्‍य '' भ्रष्‍ट्राचार के खिलाफ अपुन '' कुबेर का व्‍यंग्‍य '' नो अपील, नो वकील, घोषणापत्र '' गीत गजल कविता

गुरुवार, 10 नवंबर 2016

नवम्‍बर 2016 से जनवरी 2017

सम्पादकीय
छत्‍तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा मिले, इस पर जाेर दें


आलेख
छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के बेजोड़ शिल्पी : खुमान साव - वीरेन्द्र बहादुर सिंह
' अंधेरे में ' पर पुर्नविचार - रामाज्ञा शशिधर
बाल साहित्य का उद्भव और विकास - यदुनंदन प्रसाद उपाध्याय
कहानी
उसकी माँ - पांडेय बचैन शर्मा ' उग्र '
चेहरा - मोना सिंह
जेबकतरा - भूपेन्द्र कुमार दवे
ग्यारह वर्ष का समय - आचार्य रामचंद्र शुक्ल
ओते की कहानी - रविकांत मिश्रा
छत्तीसगढ़ी कहानी
आंजत - आंजत कानी होगे - सुशील भोले 
दहकत गोरसी - जयंत साहू
मिटठू मदरसा - किसान दीवान  (छत्तीसगढ़ी अनुवाद)

कविता/ गीत/ गजल
दो रचनाएं - सपना मांगलिक
नदिया के धार बहिस (छत्तीसगढ़ी गीत), - गीता सिंह 
खींच जायेगी खाल (दोहे)- ठाकुर प्रसाद सिद्ध
करिया बादर (छत्तीसगढ़ी गीत) श्रीमती जयभारती चंद्राकर
कश्मीर हमारा है (नवगीत) हरीलाल मिलन

बालकथा
जंगली - रामनरेश उज्जवल


पुस्तक समीक्षा
गलत समय पर प्रकाशित सही कविताएं / - समीक्षा - विवेक मिश्र
जीवन के हर रंग की कविताएं - समीक्षा - चिराग जैन
यादें
वो मेरा गाँव - घनश्याम भारतीय 
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किसान हित में सबसे आगे
मेरा देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है 

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