इस अंक में :

डॉ. रवीन्‍द्र अग्निहोत्री का आलेख '' हिन्‍दी एक उपेक्षित क्षेत्र '' प्रेमचंद का आलेख '' साम्‍प्रदायिकता एवं संस्‍कृति '' भीष्‍म साहनी की कहानी '' झूमर '' सत्‍यनारायण पटेल की कहानी '' पनही '' अर्जुन प्रसाद की कहानी '' तलाक '' जयंत साहू की छत्‍तीसगढ़ी कहानी '' परसार '' गिरीश पंकज का व्‍यंग्‍य '' भ्रष्‍ट्राचार के खिलाफ अपुन '' कुबेर का व्‍यंग्‍य '' नो अपील, नो वकील, घोषणापत्र '' गीत गजल कविता

मंगलवार, 8 नवंबर 2016

कश्‍मीर हमारा है

हरीलाल मिलन

भारत का सितारा है सितारा ही रहेगा।
कश्मीर  हमारा  है  हमारा ही रहेगा।

सरहद के  आस-पास भी आने न देंगे हम,
अब एक इंच भी ज़मीं जाने न देंगे हम,

प्यारा हमारे देश का प्यारा ही रहेगा,
कश्मीर  हमारा  है  हमारा ही रहेगा।

आतंकवादियों।़ ज़रा अल्लाह से डरो,
इन्सान हो इन्सानियत के नाम पर मरो,

जो है तुम्हारे पास तुम्हारा ही रहेगा,
कश्मीर  हमारा  है  हमारा  ही रहेगा।

उस रोज ठहर जायेगी ये आग ये हिंसा,
जिस रोज अस्त्र- शस्त्र उठायेगी अहिंसा,

न्यारा हमारा देश है न्यारा ही रहेगा,
कश्मीर हमारा है हमारा ही रहेगा।
कुछ भी न कर सकेंगी तुम्हारी मिसाइलें,
तुमको जवाब देंगी  हमारी  मिसाइलें,

हारा है शत्रु युद्ध में हारा ही रहेगा,
कश्मीर  हमारा है  हमारा ही रहेगा।

300 ए / 2 (प्लाट - 16 बी) , दुर्गावती सदन,
हनुमन्त नगर, नौबस्ता, कानपुर - 208039
मोबा. 09935299939

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