इस अंक में :

इस अंक में पढ़े : ( आलेख )तनवीर का रंग संसार :महावीर अग्रवाल,( आलेख )सुन्दरलाल द्विजराज नाम हवै : प्रो. अश्विनी केशरवानी, ( आलेख )छत्‍तीसगढ़ी हाना – भांजरा : सूक्ष्‍म भेद- संजीव तिवारी,( आलेख )लील न जाए निशाचरी अवसान : डॉ्. दीपक आचार्य,( कहानी )दिल्‍ली में छत्‍तीसगढ़ : कैलाश बनवासी ,( कहानी )खुले पंजोंवाली चील : बलराम अग्रवाल,( कहानी ) खिड़की : चन्‍द्रमोहन प्रधान,( कहानी ) गोरखधंधा :हरीश कुमार अमित,( व्‍यंग्‍य )फलना जगह के डी.एम: कुंदन कुमार ( व्‍यंग्‍य )हर शाख पे उल्लू बैठा है, अन्जामे - गुलिश्ता क्या होगा ?: रवीन्‍द्र प्रभात, (छत्‍तीसगढ़ी कहानी) गुरुददा : ललितदास मानिकपुरी, लघुकथाएं, कविताएं..... ''

बुधवार, 15 फ़रवरी 2017

फरवरी 2017 से अप्रैल 2017

सम्पादकीय

आलेख
सार्थक व्यंग्य के आवश्यक है व्यंग्यात्मक कटाक्षों की सर्वत्रता
मनोज मोक्षेन्द्र

शोध लेख
हिन्दी गज़ल का इतिहास एवं छंद विधान: हिन्दी की
 - डॉ. माणिक विश्वकर्मा '' नवरंग ''

कहानी
सीमांत 
रविन्द्र नाथ टैगोर
उसका बिस्तर
मनोहर श्याम जोशी

अनुवाद (उडि़या से हिन्दी)
अनसुलझी
 मूल लेखिका : सरोजनी साहू
अनुवाद : दिनेश कुमार शास्त्री

छत्तीसगढ़ी कहिनी

फोंक - फोंक ल काटे म नई बने बात
ललित साहू  ' जख्मी '

बाल कहानी
1 . अनोखी तरकीब
2 . मेंढक और गिलहरी
पराग ज्ञान देव चौधरी

व्यंग्य
मन रे तू काहे न धीर धरे
सुशील यादव
ललित निबंध होली पर
त्रिभुवन पांडेय

कविता/ गीत/ गजल
वफा तू तो :  (गज़ल)खुर्शीद अनवर ' खुर्शीद '
घन छाये क्या रात : (गज़ल) श्याम ' अंकुर '
फरेबों और फसानों को :( गज़ल) महेश कटारे  ' सुगम '
वो जुगनुओं को :(गज़ल) जितेन्द्र ' सुकुमार '
यही शहादत भारत माँ के : (गज़ल)विवेक चतुर्वेदी
सुशील यादव के दो छत्तीसगढ़ी गीत
संत कवि पवन दीवान की रचनाएं
तुम्हारे घर के किवाड़ (कविता)रोज़लीन
चउमासा बर दोहा (छत्तीसगढ़ी दोहा)डॉ. जीवन यदु
(दो नवगीत) टीकेश्वर सिन्हा ' गब्दीवाला '
राह दिखाये कौन : (गीत) बृजभूषण चतुर्वेदी ' बृजेश '

पुस्तक समीक्षा
इतिहास बोध से वर्तमान विसंगतियों पर प्रहार
समीक्षा : एम. एम. चन्द्रा
मौन मंथन: एक समीक्षा
समीक्षा: मंगत रवीन्द्र
जल की धारा बहती रहे
डॉ. अखिलेश कुमार  ' शंखधर '

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राजिम कुंभ 2017

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