इस अंक में :

इस अंक में पढ़े : शेषनाथ प्रसाद का आलेख :मुक्तिबोध और उनकी कविताओं का काव्‍यतत्‍व, डॉ. गिरीश काशिद का शोध लेख '' दलित चेतना के कथाकार : विपिन बिहारी, डॉ. गोविंद गुंडप्‍पा शिवशिटृे का शोध लेख '' स्‍त्री होने की व्‍यथा ' गुडि़या - भीतर - गुडि़या ', शोधार्थी आशाराम साहू का शोध लेख '' भारतीय रंगमंच में प्रसाद के नाटकों का योगदान '' हरिभटनागर की कहानी '' बदबू '', गजानन माधव मुक्तिबोध की कहानी '' क्‍लॅड ईथरली '' अंजना वर्मा की कहानी '' यहां - वहां, हर कहीं '' शंकर पुणतांबेकर की कहानी '' चित्र '' धर्मेन्‍द्र निर्मल की छत्‍तीसगढ़ी कहानी '' मंतर '' अटल बिहारी बाजपेयी की गीत '' कवि, आज सुनाओ वह गान रे '' हरिवंश राय बच्‍चन की रचना ,ईश्‍वर कुमार की छत्‍तीसगढ़ी गीत '' मोला सुनता अउ सुमत ले '' मिलना मलरिहा के छत्‍तीसगढ़ी गीत '' छत्‍तीसगढ़ी लदका गे रे '' रोजलीन की कविता '' वह सुबह कब होगी '' संतोष श्रीवास्‍तव ' सम ' की कविता '' दो चिडि़यां ''

बुधवार, 15 फ़रवरी 2017

दो नवगीत

टीकेश्‍वर सिन्‍हा '' गब्‍दीवाला ''

1
देखो आई मेरे गाँव में होली।।
फागुन आते गलियों में,धूल की भीनी महक उठी।
खिल उठा मन मेरा,इच्छा मेरी लहक उठी।
माधव भइया खुश है, भाभी की मीठ बोली।
देखो आई मेरे गाँव में होली।।
देखो उगते सूरज ने,हर चेहरे पे उल्लास।
छाया बसंत राहों पे,नये पन का आभास।
घटौंदे में चर्चे खूब हैं, पनिहारिन की ठिठोली।
देखो मेरे गाँव में आई होली।।
धरती हुई सतरंगी,गगन में उड़े अबीर।
एक रंग में रंगे सब,न गरीब न अमीर।
माँ - बहने बिधुन हैं, नफरत सब ने धोली।
देखो मेरे गाँव में आई होली।।
सेमल पलास हँसते लगे,बिखराये सुंदर लाली।
कोयल की सुरीली तान से,बगिया में है खुशहाली।
बड़ी सुहानी धूप है, मस्त ही हवा डोली।
देखो मेरे गाँव में आई होली।।
ढोल - नगाड़े की धुन,कोई गाता फाग गीत।
गाँव रंगता श्यामवर्ण में,और बृजरानी की प्रीत।
हर गली में धूम है, नन्हें मुन्नों की टोली।
देखो मेरे गाँव में आई होली


2
लो बसंत आ गया।
हर्ष - उमंग छा गया।
मतवाली हवा बहने लगी,
गीत कविता कहने लगी।
तरुवर नव परिधान पा गया,
लो बसंत आ गया।
कलियों ने मुस्कान बिखेरी।
फूलों ने दिलवायी दिलेरी।
मदमस्त भौंरे को भा गया।
लो बसंत आ गया।
धरती में रौनकता छाई।
नील गगन ने ली अंगड़ाई।
सब में प्यार लुटा गया।
लो बसंत आ गया।

शिक्षक, शास. पूर्व माध्य शाला सुरडोंगर
जिला - बालोद (छ.ग.) 491 230, मोबा. : 09753269282

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