इस अंक में :

डॉ. रवीन्‍द्र अग्निहोत्री का आलेख '' हिन्‍दी एक उपेक्षित क्षेत्र '' प्रेमचंद का आलेख '' साम्‍प्रदायिकता एवं संस्‍कृति '' भीष्‍म साहनी की कहानी '' झूमर '' सत्‍यनारायण पटेल की कहानी '' पनही '' अर्जुन प्रसाद की कहानी '' तलाक '' जयंत साहू की छत्‍तीसगढ़ी कहानी '' परसार '' गिरीश पंकज का व्‍यंग्‍य '' भ्रष्‍ट्राचार के खिलाफ अपुन '' कुबेर का व्‍यंग्‍य '' नो अपील, नो वकील, घोषणापत्र '' गीत गजल कविता

मंगलवार, 30 मई 2017

मई 2017 से जुलाई 2017

सम्पादकीय

आलेख

नारद की कल्‍याणकारी पत्रकारिता : लोकेन्‍द्र सिंह
यही तो मजदूर है : ललित साहू '' जख्‍मी ''


कहानी
घास काटने की मशीन : उपेन्‍द्रनाथ '' अश्‍क ''
रिसते घाव : बूटासिंह
अनंत यात्रा : नरेन्‍द्र अनिकेत
अलगाव से लगाव तक : डॉ. दीप्ति गुप्‍ता
सम्‍मान के लिए समाजसेवा : कुबेर
अाखिरी पारी : भावसिंह हिरवानी
देवदासी : आलोक कुमार सातपुजे
उसी बिंदू पर लौटते हुए : सुरेश सर्वेद

बाल कथा
बिजली और तूफान

नैतिक कथा
जीवन का मूल्‍य
चार मोमबत्तियां
मकड़ी का जाला

व्यंग्य
सावधान, हम ईमानदार है : लतीफ घोंघी

लघुकथा
पार्टी
अपनी - अपनी किस्‍मत : शिवराज गुजर
पेंशन की तारीख

गीत / ग़ज़ल / कविता
' नवरंग' के मुक्‍तक
नोट की महिमा ( कविता ): सुशील यादव
गज़ल़ : अशोक ' अंजुम '
मेरा गॉव ( कविता ) : सुरेश सर्वेद
बस इतना ही ( कविता ) : रोजलीन
डॉ. कृष्‍ण कुमार सिंह ' मयंक ' की चार गज़लें
यशपाल जंघेल की कविताएं   
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ग्राम पंचायत करेला

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