इस अंक में :

इस अंक में पढ़े : ( आलेख )तनवीर का रंग संसार :महावीर अग्रवाल,( आलेख )सुन्दरलाल द्विजराज नाम हवै : प्रो. अश्विनी केशरवानी, ( आलेख )छत्‍तीसगढ़ी हाना – भांजरा : सूक्ष्‍म भेद- संजीव तिवारी,( आलेख )लील न जाए निशाचरी अवसान : डॉ्. दीपक आचार्य,( कहानी )दिल्‍ली में छत्‍तीसगढ़ : कैलाश बनवासी ,( कहानी )खुले पंजोंवाली चील : बलराम अग्रवाल,( कहानी ) खिड़की : चन्‍द्रमोहन प्रधान,( कहानी ) गोरखधंधा :हरीश कुमार अमित,( व्‍यंग्‍य )फलना जगह के डी.एम: कुंदन कुमार ( व्‍यंग्‍य )हर शाख पे उल्लू बैठा है, अन्जामे - गुलिश्ता क्या होगा ?: रवीन्‍द्र प्रभात, (छत्‍तीसगढ़ी कहानी) गुरुददा : ललितदास मानिकपुरी, लघुकथाएं, कविताएं..... ''

गुरुवार, 24 मई 2018

मई 2018 से जुलाई 2018

इस अंक के रचनाकार

आलेख
तनवीर का रंग संसार : महावीर अग्रवाल 
सुन्‍दरलाल व्दिजराज नाम हवै एक : अश्विनी केशरवानी
छत्‍तीसगढ़ी हाना भांजरा : सुक्ष्‍म भेद : संजीव तिवारी
लील न जाये निशाचरी अवसान : डॉ. दीपक आचार्य

कहानी
दिल्‍ली में छत्‍तीसगढ़ : कैलाश बनवासी
खुले पंजोंवाली चील : बलराम अग्रवाल
खिड़की : चन्‍द्रमोहन प्रधान
गोरखधंधा : हरीश कुमार अमित

छत्‍तीसगढ़ी कहानी
गुरुददा : ललित दास मानिकपुरी

लघुकथा
राहत कार्य : सुनील कुमार वर्मा
लोकतंत्र : चंद्रेश कुमार
आत्‍मग्‍लानि : दीपक पाण्‍डेय
हम नहीं सुधरेंगे : अम्‍बरीष श्रीवास्‍तव
रिश्‍ते का भेडि़या : प्रतिभा शुक्‍ला

गीत / ग़ज़ल / कविता
गौरैया के हक में :  दीपक आचार्य
मुठि़ठयां : दीप्ति शर्मा

व्‍यंग्‍य
फलना जगह के डी.एम. : कुंदन कुमार
हर शाख पे उल्लू बैठा है, अन्जामे - गुलिश्ता क्या होगा ? रवीन्‍द्र प्रभात

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